हो जाने दो फैसला जो कुछ भी हो,
हम भी हवाओं से उड़ना सीख आए हैं ।
माना कि चिन्गारियों से आग लगाने का हुनर रखती है वो,
हम भी समंदर से दरिया सुखाने का हुनर सीख आयें हैं।।
माना की खाक कर सकती है मुझे,
अपने आगोश में समेट कर गम नहीं,
हम भी जल जल के बुझने का हुनर सीख आयें हैं।।
माना कि दूर से ही वो आग लगा देगी,
हो सकता है कि लाखों को वो झुलसा देगी ।
समंदर को भी वो सुखाने की कोशिश करेगी बार बार,
पर हम भी पानी में आग जलाये रखने का हुनर सीख आयें हैं।।
- सर्वेश यादव

