आशा-ए-दिल(Aasha e dil)







कुछ खास है वो,
एक मीठा सा एहसास है वो,
वो साथ होती है तो गज़ब का सुकून मिलता है
हर इक पल में खुशियों का हुजूम उमड़ता है,
मानो जी लेता हूँ कयी जिन्दगी एक पल में
बस उसके होने से वही पुराना जुनून उमड़ता है।
जिन्दगी के साथ है वो
जिन्दगी के बाद है वो,
कुछ खास है वो।।1।।
कुछ कहना है मुझे उससे
कुछ कहना है उसे मुझसे
हम दोनों को शायद एक पल की तलाश है
मुझे आज तो उसे कल पर विश्वास है,
इस आज और कल में कितने कल हो गये हैं
पर हम दोनों में आज भी छुपी इक छोटी सी आस है
वो दिन भी इन्तजार में है
ये सुनने को बेकरार है
कि कुछ खास है वो
इक मीठा सा एहसास है वो।। 2।।
                                             -सर्वेश यादव

2 टिप्‍पणियां:

Arvind Yadav ने कहा…

Gajab bhai saab

Wikishayar ने कहा…

Dhanyavaad ki aapne tavajjo fermaya