तुम्हे देखने को बेताब है दिल
कभी तो किसी मोड़ पर यूँ ही मिल
झांक कर देख तो सही अन्दर घर में
खाली है कितना सूना है ये दिल
कभी वीराने में एक पौधा लगाओ तो सही
फूल भी होंगे फल भी होंगे
कभी सिद्दत से बागों में आओ तो सही
ज़रा प्यार से देखो थोड़ा भरोसा रखो
वो पेड़ बन जायेगा छांव भी देगा
गुफ्तगू करो कोई गीत प्यार से गुनगुनाओ तो सही
यकीं मानो प्यार कुछ भी करा सकता है
सोयी हुई कबर से इन्सान को जगा सकता है
सिद्दत से थोड़ी प्यार से एक बार बुलाओ तो सही
वो पेड़ है इन्सान थोडे़ है जो मना करेगा
सोच थोडे़ सकता है जो दगा करेगा
अच्छा मान लेते हैं कर भी दिया तो क्या
तुम तो इन्सान हो थोड़ा प्यार से मनाओ तो सही
कभी तो किसी मोड़ पर यूँ ही मिल
झांक कर देख तो सही अन्दर घर में
खाली है कितना सूना है ये दिल
कभी वीराने में एक पौधा लगाओ तो सही
फूल भी होंगे फल भी होंगे
कभी सिद्दत से बागों में आओ तो सही
ज़रा प्यार से देखो थोड़ा भरोसा रखो
वो पेड़ बन जायेगा छांव भी देगा
गुफ्तगू करो कोई गीत प्यार से गुनगुनाओ तो सही
यकीं मानो प्यार कुछ भी करा सकता है
सोयी हुई कबर से इन्सान को जगा सकता है
सिद्दत से थोड़ी प्यार से एक बार बुलाओ तो सही
वो पेड़ है इन्सान थोडे़ है जो मना करेगा
सोच थोडे़ सकता है जो दगा करेगा
अच्छा मान लेते हैं कर भी दिया तो क्या
तुम तो इन्सान हो थोड़ा प्यार से मनाओ तो सही

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