प्यार है, हाँ मुझे उससे प्यार है,
बेइंतहा, बेशुमार उससे प्यार है।
पता है उसे भी पर शायद वो न कहेगी,
फिर भी मुझे उसके कहने का इन्तजार है।।
प्यार है.................
चाहता तो मैं कह देता, पर नहीं कहूंगा,
न कर दी तो भला कैसे सुन सकूंगा।
उसे हक है कुछ भी कहने का,
उसकी अपनी जिंदगी है,
फिर भी मुझे उस पर ऐतबार है।।
प्यार है....................
इतना नादान भी नहीं है वो,
कि मेरे एहसासों को न समझ सके वो।
पता है उसे सब कुछ जानती है वो,
फिर भी उसे न कहने का अधिकार है।।
प्यार है.....................
जब वो बोलती है तो कोयल भी सरमा जाये,
मैं तो बस सोंचता हूँ कि वो फिर से कुछ कह जाये।
याद करने की हर एक मुमकिन कोशिश करता हूँ उसे,
फिर भी उसे यादों से चले जाने का अधिकार है।।
प्यार है.............
लोग पूछते हैं हर रोज उससे बात हुई,
मैं क्या कहूँ उनसे झूठ बोल दूं या सही।
कुछ तो कहते हैं कि कह दो,
नहीं तो किसी और की हो जायेगी।
मैंने कहा कह के तो देखो,
सोचेगी तो मेरा ही नाम बतायेगी।
फिर भी उसे मुझसे छुपाने का अधिकार है।।
प्यार है............
कुछ भी हो कैसी भी है वो,
जैसी भी है अच्छी है वो।
मुझको तो बस इतना पता है,
पहले भी वो मेरी थी, आज भी मेरी है वो।
यकीं न हो तो पूछ लो क्या उसे भी मुझसे प्यार है।।
प्यार है..........
गर सच में कुदरत जैसा कुछ है,
तो उसकी नायाब करिश्मा है वो।
गर मैं गोकुल का कृष्णा हूँ तो,
बरसाने की राधा है वो,
उस दौर में तड़पी वो मेरी विरह में,
इस दौर मुझे तड़पाने का भी उसको अधिकार है।।
प्यार है............
बेइंतहा, बेशुमार उससे प्यार है।
पता है उसे भी पर शायद वो न कहेगी,
फिर भी मुझे उसके कहने का इन्तजार है।।
प्यार है.................
चाहता तो मैं कह देता, पर नहीं कहूंगा,
न कर दी तो भला कैसे सुन सकूंगा।
उसे हक है कुछ भी कहने का,
उसकी अपनी जिंदगी है,
फिर भी मुझे उस पर ऐतबार है।।
प्यार है....................
इतना नादान भी नहीं है वो,
कि मेरे एहसासों को न समझ सके वो।
पता है उसे सब कुछ जानती है वो,
फिर भी उसे न कहने का अधिकार है।।
प्यार है.....................
जब वो बोलती है तो कोयल भी सरमा जाये,
मैं तो बस सोंचता हूँ कि वो फिर से कुछ कह जाये।
याद करने की हर एक मुमकिन कोशिश करता हूँ उसे,
फिर भी उसे यादों से चले जाने का अधिकार है।।
प्यार है.............
लोग पूछते हैं हर रोज उससे बात हुई,
मैं क्या कहूँ उनसे झूठ बोल दूं या सही।
कुछ तो कहते हैं कि कह दो,
नहीं तो किसी और की हो जायेगी।
मैंने कहा कह के तो देखो,
सोचेगी तो मेरा ही नाम बतायेगी।
फिर भी उसे मुझसे छुपाने का अधिकार है।।
प्यार है............
कुछ भी हो कैसी भी है वो,
जैसी भी है अच्छी है वो।
मुझको तो बस इतना पता है,
पहले भी वो मेरी थी, आज भी मेरी है वो।
यकीं न हो तो पूछ लो क्या उसे भी मुझसे प्यार है।।
प्यार है..........
गर सच में कुदरत जैसा कुछ है,
तो उसकी नायाब करिश्मा है वो।
गर मैं गोकुल का कृष्णा हूँ तो,
बरसाने की राधा है वो,
उस दौर में तड़पी वो मेरी विरह में,
इस दौर मुझे तड़पाने का भी उसको अधिकार है।।
प्यार है............

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